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जानिए...क्यों एक साल में बंद हो गई 10 हजार से ज्यादा कंपनियां

नई दिल्ली. कोरोना महामारी (CORONAVIRUS) के चलते बिगड़ी अर्थव्यवस्था के कारण अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक 10113 रजिस्टर्ड कंपनियां बंद हो चुकी हैं। इसमें सबसे ज्यादा दिल्ली में 2400 व राजस्थान में 500 व मध्यप्रदेश में 111 कंपनियों ने अपना काम समेट लिया है। केंद्र सरकार ने एक सवाल के जवाब में संसद में यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि देश में इस दौरान कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा। करीब छह माह तक लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियों ठप हो गई थीं।

रजिस्टर्ड कंपनियों के आंकड़े
लोकसभा में एक लिखित जवाब में कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मंत्रालय कंपनी कानून का प्रशासन व नियंत्रण करता है। नई कंपनी की शुरुआत के लिए जो दस्तावेज व आवेदन के हिसाब से उसका रजिस्ट्रेशन किया जाता है। मंत्रालय इस बात का कोई हिसाब किताब नहीं रखता कि कितनी कंपनियां कामकाज से बाहर निकल चुकी है।

सबसे अधिक दिल्ली में
कोरोना का असर कंपनियों पर सबसे अधिक दिल्ली में पड़ा। कंपनियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इस मामले में देश के 12 राज्यों में सबसे कम असर बिहार में हुआ है। हालांकि जिन प्रदेश में कंपनियां ज्यादा थीं वहां पर रजिस्टर्ड कंपनियों के बंद होने की संख्या भी ज्यादा है।

प्रदेश कंपनियां बंद

दिल्ली 2400
उत्तर प्रदेश 2000

तमिलनाडु 1322
महाराष्ट्र 1279

कर्नाटक 836
चंडीगढ़ 501

राजस्थान 500
तेलंगाना 400

केरल 300
झारखंड 137

मध्यप्रदेश 111
बिहार 104

इस नियम के तहत बंद

भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कहा कि कंपनी कानून 2013 के सेक्शन 248 (2) के तहत फरवरी 2021 तक देश में 10,113 कंपनियों ने स्वेच्छा से अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है।



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