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सर्विस सेक्टर में आई तेजी लेकिन अब भी सुस्त है रोजगार की रफ्तार

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले सेवा क्षेत्र में एक साल की सबसे बड़ी तेजी आई है। फरवरी में सेवा क्षेत्र का कारोबारी सूचकांक 55.3 पाया गया, जो जनवरी में 52.8 था। यह लगातार पांचवां महीना है, जब सेवा क्षेत्र में गतिविधियों में विस्तार हुआ है। आइएचएस मार्केट की मासिक रिपोर्ट में बताया है कि बाजार में कारोबारी माहौल में सुधार और नए ऑर्डर मिलने से सेवा क्षेत्र में तेजी आई है। आइएचएस मार्केट की सहायक निदेशक (अर्थशास्त्र) पोलिएना डी. लीमा ने कहा कि कंपनियों की लागत और खर्च बढऩे से चुनौतियां अभी भी कायम हैं।

कोविड टीकाकरण से मजबूत हुआ है कारोबारी भरोसा, आएंगे अच्छे दिन-
कोविड का टीकाकरण बढऩे से कारोबारी भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि कंपनियों को अब भी वैश्विक सेवाओं पर लगे प्रतिबंध का खामियाजा उठाना पड़ रहा है और निर्यात सुस्त बना हुआ है। फरवरी, 2021 में निर्यात में गिरावट तो आई, लेकिन यह मार्च, 2020 के बाद सबसे कम रही।

निजी क्षेत्र का उत्पादन शीर्ष पर -
लीमा ने कहा है कि निजी क्षेत्र का उत्पादन 4 महीने में सबसे तेज गति से बढ़ा है। फरवरी में उत्पादन व सेवा क्षेत्र का कंपोजिट पीएमआइ 57.3 पर पहुंच गया, जो जनवरी में 55.8 था। तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था के मंदी से बाहर आने के बाद मार्च तिमाही में और सुधार की उम्मीद है। नए व्यवसाय में वृद्धि के बावजूद रोजगार में कमी आई, लेकिन चालू वित्त वर्ष के आखिरी महीने व नए वित्त वर्ष से तेजी का अनुमान है।

महंगाई दर सात साल में सबसे तेज-
ईंधन के दाम बढऩे से फरवरी में माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। इसका असर उत्पादन पर भी पड़ा है और कंपनियों की लागत 2013 के बाद सबसे तेजी से बढ़ी है। कई कंपनियों का मानना है कि कोविड की पाबंदियों का श्रम आपूर्ति पर असर पड़ा है। लीमा ने कहा कि सेवा और विनिर्माण दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार सुस्त रहा। यह आने वाले महीनों में घरेलू खपत पर असर डाल सकता है। हालांकि दोनों ही क्षेत्रों की क्षमताओं में विस्तार हो रहा है। रोजगार के मोर्चे पर अच्छे दिन आने वाले हैं।



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