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आप ख़ुश क्यों नहीं है ?

जीवन में अगर खुशियाँ ना हो तो क्या हम जीवित है ? अगर ज़िन्दगी में खुशियाँ ना हो क्या हम सामाजिक प्राणी है ? बहुत बार यह होता है कि धन, दौलत, परिवार , अच्छा जीवन साथी और सब कुछ होते हुए भी हम खुश नहीं रह पाते या यूँ कहे कि हमे खुशियाँ महसूस नहीं होती। हमारे जीवन में खुशियों का ना होना या होते हुए ना , उनका ना महसूस होना , कही इसके लिए हम ही तो जिम्मेदार नहीं है। प्रतिदिन हम खुश होने के छोटे छोटे तरीके ढूँढ़ते है मगर यह भूल जाते है कि अगर हम दुखी है तो इसके जिम्मेदार हम खुद कितने है। हम हमेशा खुद के दुखी होने के लिए दूसरों के ऊपर दोषारोपण करते है मगर खुद के अंदर झाँख कर एक बार भी नहीं देखते कि हमारी वो कौन सी आदतें है जो हमे हमारी खुशियों से हम दूर कर रही है। इसे भी पढ़े : टेंशन है तो नहीं करें चीनी का उपयोग, तनाव को करें ऐसे दूर

हमारी वो कौन सी आदतें है जिसके कारण खुशियाँ हमसे दूर चली जाती है।

  • खुशी का समय का इंतजार
  • अपने जीवन में खुद से ज़्यादा दूसरों को प्राथमिकता देना
  • हमेशा सोचते रहने के कारण मानसिक शांति का ना होना
  • अपनी खुशी के लिए आत्मनिर्भर ना होना
  • नई चीजे और नये प्रयोग से डरना

खुशी का समय का इंतजार

हम हमेशा खुश होने के लिए समय और जगह का इंतजार करते है मगर यह भूल जाते है कि गुजरा हुआ समय कभी वापस नहीं आता है इसलिए यह बहुत जरुरी है कि समय और जगह का इंतज़ार ना करते हुए आयी हुई छोटी से छोटी ख़ुशी का दिल से स्वागत करें और ज़िन्दगी को जीये। यह बिलकुल भी ना सोचे कि अगर ज़िन्दगी में यह सफलता मिलेगी तब खुश होंगे या पार्टी करेंगे। आने वाले समय में फिर से खुश हो जाना मगर जो एक छोटा सा मौका मिला है , उसे बिलकुल भी ना गवाए। देखे : हॉलीवुड की खूबसूरत मॉडल Kylie Jenner Photos के हॉट फोटोज़

अपने जीवन में खुद से ज़्यादा दूसरों को प्राथमिकता देना

इंसान एक सामाजिक प्राणी जरूर है मगर हमेशा खुद से पहले दूसरों का सोचना अच्छी बात नहीं है। आप दूसरों का ख्याल रखना बिलकुल ना छोड़े मगर साथ साथ अपने ऊपर भी तवज़्जो दे। अगर आप खुश होंगे तभी दूसरों जीवन में खुशियाँ लूटा पाएंगे। वो कहते है ना कि भूखे पेट भगवान् का भी सिमरन नहीं होता , बिलकुल उसी तरह अगर आप खुश नहीं होंगे तो खुशिया बाँट भी नहीं पाएंगे।

हमेशा सोचते रहने के कारण मानसिक शांति का ना होना

वो कहते है ना कि चिंता चिता के समान होती है इसलिए हमेशा सोचना बंद करें। जीवन में अगर परेशानियाँ है तो उसका समाधान भी होगा, बस जरुरत है उसे समझने की और उसका ढूंढने की। एक बार जो समय चला गया वो वापस नहीं आता इसलिए खुश रहे और ज़्यादा ना सोचे। यह भी पढ़े : बॉलीवुड के सितारें जो भाई बहन के साथ लवर्स भी बने

अपनी खुशी के लिए आत्मनिर्भर ना होना

अगर घर वाले साथ होंगे मैं पार्टी कर लूंगा ! अरे नहीं यार, आज बीवी / गर्ल फ्रेंड साथ में नहीं है इसलिए बाद में एन्जॉय करते है। खुश होने के लिए पलों की जरुरत होती है , दूसरों की नहीं। यह बिलकुल सही है कि अगर ख़ुशी के पलों में अगर अपनों का साथ हो तो खुशियाँ दुगनी हो जाती है मगर यह भी सोचे कि जब अपनों को यह पता चलेगा कि आपने उनके ना होने के कारण खुशियों के पलों को जाने दिया तो उन्हें कितनी ग्लानि होगी।

नई चीजे और नये प्रयोग से डरना

जब भी आप अपने ज़िन्दगी में नए चीज़ो को करते है तो यह आपको ख़ुशी के अनेको पल अपने साथ ले कर आती है। नयी चीज़ को करने से एक अजीब भी ख़ुशी आप अपने ज़िन्दगी में महसूस करते है इसलिए नयी चीज़ो को प्रयोग करने से बिलकुल भी ना झिझकें।



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